मौसम में होने वाले बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर ही होता है. खासकर जब मौसम बरसात का हो, तो ये जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है. बरसात अपने साथ-साथ कई बीमारियां भी लेकर आती है, जिसका सबसे ज्यादा शिकार बच्चे होते हैं. इस मौसम में बच्चों को निमोनिया, डेंगू व मलेरिया आदि हो सकता है. ऐसे में पेरेंट्स को अपने बच्चों को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि बारिश के दौरान बच्चों को कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं और उनसे कैसे बचा जाए -

(और पढ़ें - जन्मजात रोग)

  1. बच्चों को बारिश में होने वाली बीमारियां
  2. सारांश
बारिश में शिशु को होने वाली बीमारियां के डॉक्टर

आइए, उन बीमारियों के बारे में जानते हैं, जिसका शिकार बच्चे अक्सर मानसून में हो जाते हैं. इन बीमारियों में सर्दी-जुकाम व दस्त आदि प्रमुख हैं -

निमोनिया

बरसात के मौसम में शिशु को निमोनिया होने का खतरा हो सकता है. दरअसल, यह बात रिसर्च में सामने आई है कि बरसात के मौसम में निमोनिया होने का जोखिम अधिक होता है. यह बैक्टीरिया या वायरस के कारण हो सकता है, अगर शिशु या बच्चा किसी संक्रमित व्यक्ति या चीज के संपर्क में आता है, तो उसे निमोनिया का वायरस या बैक्टीरिया अपने चपेट में ले सकता है. ऐसे में यह जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों का बरसात में अधिक ध्यान रखें.

निमोनिया के लक्षण -

(और पढ़ें - नवजात शिशु को एक्जिमा)

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सर्दी-जुकाम

निमोनिया की तरह ही शिशु को बरसात में सर्दी-जुकाम की समस्या भी हो सकती है. इससे जुड़े शोध के अनुसार, सर्दी-जुकाम का प्रकोप सबसे ज्यादा अक्टूबर से जनवरी तक होता है. कई बार घर में अगर किसी को सर्दी-जुकाम हो, तो बच्चे को भी वायरस लग सकता है. ऐसे में बेहतर यही होगा कि घर में किसी को भी सर्दी-जुकाम हो, तो वो बच्चे के संपर्क में न आए.

सर्दी-जुकाम के लक्षण -

(और पढ़ें - बच्चों को दौरे आने का इलाज)

डेंगू

बरसात के मौसम में डेंगू भी होने का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल, जगह-जगह पानी जमा हो जाने के कारण, उसमें डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं, जो इस बीमारी का कारण बन सकते हैं. डेंगू के मच्छर खासतौर से साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए घर में कई दिनों तक पानी को स्टोर करके न रखें. साथ ही बच्चे को पूरे कपड़े पहनाएं और घर में पूरी साफ-सफाई रखें.

डेंगू के लक्षण -

(और पढ़ें - बच्चों में ब्लड इंफेक्शन)

दस्त

पांच साल से कम उम्र के बच्चों को बरसात के मौसम में दस्त लगने का जोखिम अधिक होता है, यह बात एक रीसर्च में सामने आई है. ऐसे में यह जरूरी है कि माता-पिता शिशु के खान-पान पर विशेष ध्यान रखें. बच्चे को हमेशा साफ और ताजी चीजें ही खाने को दें.

दस्त के लक्षण -

  • पेट दर्द
  • भूख न लगना
  • बुखार होना
  • मतली या उल्टी की समस्या

(और पढ़ें - नवजात शिशु के पेट में दर्द का इलाज)

मलेरिया

डेंगू की तरह ही मलेरिया भी बरसात में होने वाली आम बीमारियों में से एक है. गंदे पानी में पनपने वाले मलेरिया के मच्छर इसके कारण होते हैं. मलेरिया एनोफिलीज नामक मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है. इसलिए, कोशिश करें कि घर में मच्छर न पनपने पाएं और बच्चे को मच्छरदानी के अंदर ही सुलाएं.

मलेरिया के लक्षण -

  • हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द
  • बुखार आना व ठंड लगना
  • मतली या उल्टी होना
  • खून की कमी
  • पसीना आना
  • पेट दर्द

(और पढ़ें - बच्चों में डायबिटीज का इलाज)

ये थे बरसात के मौसम में बच्चों को होने वाली कुछ मुख्य बीमारियां. अगर बच्चे में इस लेख में बताए गए कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इनके अलावा भी कई बीमारियां हैं, जैसे - कॉलरा या हैजाहेपेटाइटिस-एचिकनगुनिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस जो बरसात के मौसम में बच्चों को परेशान कर सकती हैं. इनके लक्षण भी लेख में बताई गई बीमारियों से मिलते-जुलते ही होते हैं. ऐसे में बच्चे के स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी तरह के बदलाव को अनदेखा न करें और तुरंत शिशु विशेषज्ञ से संपर्क करें.

(और पढ़ें - बच्चों में बदहजमी का इलाज)

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