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Vibite M 500 Tablet (15) इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -
मुख्य लाभ
अन्य लाभ
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Vibite M 500 Tablet (15) की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Vibite M 500 Tablet (15) की खुराक अलग हो सकती है।
दवाई की खुराक बीमारी और उम्र के हिसाब से जानें
आयु वर्ग | खुराक |
व्यस्क |
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बुजुर्ग |
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रिसर्च के आधार पे Vibite M 500 Tablet (15) के निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं -
गंभीर
सामान्य
क्या Vibite M 500 Tablet (15) का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?
प्रेेग्नेंट महिलाओं के शरीर में Vibite M Tablet के विपरीत प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए इसको लेने से पहले दवा के बारे में डॉक्टर से पूरी तरह जानकारी लेना जरूरी होता है।
क्या Vibite M 500 Tablet (15) का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए Vibite M Tablet पूरी तरह सुरक्षित है।
Vibite M 500 Tablet (15) का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है?
Vibite M Tablet से किडनी प्रभावित हो सकती है। आप भी दवा से साइड इफेक्ट महसूस करें तो दवा लेना तुरंत बंद कर दें। चिकित्सक से सलाह के बाद ही इसे दोबारा लें।
Vibite M 500 Tablet (15) का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है?
Vibite M Tablet का सेवन करने से आपके लीवर पर हानिकारक परिणाम दिख सकते हैं, ऐसा ही कुछ आप भी महसूस करें तो दवा को लेने से बचें और अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।
क्या ह्रदय पर Vibite M 500 Tablet (15) का प्रभाव पड़ता है?
हृदय के लिए Vibite M Tablet के साइड इफेक्ट की जानकारी पूरी तरह से अज्ञात हैं।
अगर आपको इनमें से कोई भी रोग है तो, Vibite M 500 Tablet (15) को न लें क्योंकि इससे आपकी स्थिति और बिगड़ सकती है। अगर आपके डॉक्टर उचित समझें तो आप इन रोग से ग्रसित होने के बावजूद Vibite M 500 Tablet (15) ले सकते हैं -
क्या Vibite M 500 Tablet (15) आदत या लत बन सकती है?
नहीं, Vibite M 500 Tablet (15) को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है।
क्या Vibite M 500 Tablet (15) को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है?
नहींं, Vibite M 500 Tablet (15) लेने के बाद आपको नींद आने लगेगी और कोई काम ठीक से नहीं कर पाएंगे।
क्या Vibite M 500 Tablet (15) को लेना सुरखित है?
हां, डॉक्टरी सलाह के बाद।
क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Vibite M 500 Tablet (15) इस्तेमाल की जा सकती है?
नहीं, Vibite M 500 Tablet (15) दिमागी विकारों के इलाज में सक्षम नहीं है।
क्या Vibite M 500 Tablet (15) को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?
खाने को Vibite M 500 Tablet (15) के साथ लेने से जो भी दुष्प्रभाव शरीर पर होते हैं, उस पर कोई शोध न हो पाने के चलते पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जब Vibite M 500 Tablet (15) ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या?
Vibite M 500 Tablet (15) के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें।
डायबिटीज़ धीमी गति से बढ़ने वाली बीमारी है इसलिए Vibite M Tablet की जरूरत हमेशा बनी रहती है। ब्लड शुगर को सामान्य रखने के लिए इंसुलिन और अन्य दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।
पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं में अकसर इंसुलिन का लेवल बढ़ा हुआ होता है और इनमें डायबिटीज़ का खतरा सामान्य महिलाओं से कई ज्यादा होता है। Vibite M Tablet इंसुलिन के प्रति सेंसिटिविटी को बढ़ाने का काम करती है। पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं को डायबिटीज़ से बचाने के लिए कभी-कभी Vibite M Tablet दी जाती है। पीसीओएस के इलाज में स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है।
पेट और आंतों को हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए Vibite M Tablet खाने के साथ लेनी चाहिए। Vibite M Tablet लेने के शुरुआती कुछ हफ्तों तक दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। रोज़ व्यायाम करें और खून और मूत्र में शुगर की निर्देशानुसार जांच करवाते रहें।
Vibite M Tablet हेपेटिक ग्लूकोज़ (लिवर की कोशिकाओं में बनने वाला ग्लूकोज़) के निर्माण को घटाने का काम करती है। इसके अलावा Vibite M Tablet इंसुलिन के प्रति सेंसिटिविटी को बढ़ाकर ब्लड शुगर और भोजन से अवशोषित हुए ग्लूकोज़ की मात्रा को कम करने में मदद करती है।
हां, Vibite M Tablet की वजह से लो ब्लड शुगर यानि हाइपोग्लाइसेमिया हो सकता है। हालांकि, समय पर खाना ना खाने, शराब पीने, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज़ करने, पेट खराब होने पर खाना ना खाने और Vibite M Tablet के साथ कोई अन्य एंटी-डायबिटीक दवा लेने की वजह से भी लो ब्लड शुगर हो सकता है। इसलिए रोज़ ब्लड ग्लूकोज़ लेवल चैक करना चाहिए और हाइपोग्लाइसेमिया के लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें। हमेशा ग्लूकोज़-युक्त आहार अपने साथ रखें।
इस जानकारी के लेखक है -
B.Pharma, फार्मेसी
5 वर्षों का अनुभव