डिमेंशिया या मनोभ्रंश क्या है? - Dementia meaning in Hindi
डिमेंशिया सामान्य रूप से मानसिक क्षमता में आई कमी को कहते हैं, जिसमें सोचने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे दैनिक जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है।
डिमेंशिया एक बीमारी नहीं है बल्कि एक सिंड्रोम है (किसी रोग में कईं लक्षणों का एक साथ होना), जिसके लक्षण कई मस्तिष्क रोगों में आम होते हैं। इसके लक्षणों में स्मरण शक्ति में कमीं, सोचने में कठिनाई, समस्याओं को ना सुलझा पाना और शब्दों के चुनाव में कठिनाई शामिल हैं। यह रोज की गतिविधियों को करने के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता को कम कर देती है। डिमेंशिया से पीड़ित लोगों के मूड व व्यवहार में बदलाव हो जाता है। सामान्य रूप से यह उम्र बढ़ने के बाद इसके होने की संभावना बढ़ती जाती है।
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अंत में डिमेंशिया रोज की जाने वाली गतिविधियों को पूरा करने की क्षमता को पूरी तरह से खत्म कर देता है, जैसे कि ड्राइविंग, घर के कामकाज और यहां तक कि व्यक्तिगत देखभाल जैसे स्नान करना, कपड़े पहनना और खाना भी इसमें शामिल है। डिमेंशिया से पीड़ित होने की संभावना उम्र के साथ बढ़ जाती है। डिमेंशिया ज्यादातर 65 वर्ष के बाद होता है।
डिमेंशिया के कुछ प्रकार उपचार करने पर काफी या पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। इसके ठीक होने के परिणाम अक्सर इस बात पर निर्भर करते हैं कि कितनी जल्दी इसके होने के कारण का पता किया गया है और इसका इलाज शुरू किया गया है। दूसरे प्रकार के डिमेंशिया अपरिवर्तनीय होते हैं, जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता और इसका सबसे आम प्रकार अल्जाइमर रोग है।
डिप्रेशन के लक्षण बिलकुल डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण की तरह हो सकते हैं जिसका इलाज एंटीडिप्रेस्सेंट दवाओं से किया जाता है।
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