पीसीओएस क्या है?
पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome, PCOS) एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं के सेक्स हॉर्मोन्स एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे अण्डाशयी सिस्ट (Ovarian Cyst)* बन जाती है। पीसीओएस एक महिला के मासिक धर्म चक्र, प्रजनन क्षमता, हृदय की कार्यवाही और रूप-आकार को प्रभावित कर सकता है।
पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम महिलाओं में होने वाला एक प्रचलित अंत: स्रावी विकार है और आजकल प्रजनन क्षमता में कमी होने के मुख्य कारणों में से एक है।
यह परेशानी मुख्य रूप से 15 से 30 वर्ष की उम्र की महिलाओं में ज़्यादा पाई जा रही है। भारत में लगभग 10% महिलाएं पीसीओएस से पीड़ित हैं। फिर भी इस परेशानी के बारे में जागरूकता न के बराबर है और महिलाएं कई वर्षों तक इसका निदान नहीं करवातीं।
* ये सिस्ट नहीं होतीं बल्कि कई छोटे अंडे होते हैं जो अभी तक परिपक्व (Mature) नहीं हुए और अल्ट्रासाउंड में अंडाशय पर नज़र आते हैं। यदि मरीज़ के शरीर में पर्याप्त हॉर्मोन्स नहीं बनते, तो अंडे परिपक्व नहीं हो पाते। जब तक अंडे विकसित और परिपक्व नहीं होते, तब तक ओवुलेशन (Ovulation; अंडाशय में अंडे बनना) और गर्भधारण नहीं हो सकता।
पीसीओएस के डॉक्टर
पीसीओएस की OTC दवा
पीसीओएस पर आर्टिकल
पीसीओएस की खबरें
पीसीओएस का आयुर्वेदिक इलाज
पीसीओएस के लिए डाइट
पीसीओएस के घरेलू उपाय
पीसीओएस का होम्योपैथिक इलाज
पीसीओएस के लिए योग






संपादकीय विभाग
Dr. Archana Nirula
Dr. Vishal Makvana
Dr. Laxmidutta Shukla
